🤖 AGI 'माया': भारत का पहला होमग्रोन आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट
जब दुनिया AGI (Artificial General Intelligence) को समझने की कोशिश में जुटी है, तब गोरखपुर के कैप्टेनगंज का एक युवा इंजीनियर मुकुल मिश्रा चुपचाप 10 लाख लाइन से अधिक का कोड लिख चुका है। उनका प्रोजेक्ट 'माया' (Maya) सिर्फ एक AI नहीं, बल्कि एक ऐसा सिस्टम है जो सीखने, तर्क करने और निर्णय लेने की क्षमता रखता है – बिल्कुल इंसानों की तरह।
🧠 'माया' क्या है? (Maya - The AGI System)
माया एक आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) सिस्टम है, जिसे मुकुल मिश्रा ने पिछले कई वर्षों में विकसित किया है। यह सामान्य AI (जैसे ChatGPT) से हटकर है – क्योंकि यह एक ही समय में कई अलग-अलग तरह के कार्य सीख और कर सकता है।
• कोड की लाइनें: 10,00,000+ (दस लाख से अधिक)
• भाषाएँ: Python, C++, और कस्टम न्यूरल आर्किटेक्चर
• उद्देश्य: हेल्थकेयर, शिक्षा, ड्रोन और सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन
🤖 'माया' और हेल्थटेक: FixMet का कनेक्शन
मुकुल के स्टार्टअप FixMet और AFY India का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को स्मार्ट बनाना है। 'माया' का उपयोग इन प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह किया जा रहा है:
- AI वीडियो क्रिएटर: मरीजों के लिए व्यक्तिगत हेल्थ वीडियो बनाना।
- ड्रोन नेविगेशन: एयर एम्बुलेंस ड्रोन को रियल-टाइम मार्गदर्शन देना।
- स्मार्ट डायग्नोसिस: फार्मेसी डेटा के आधार पर बीमारियों का प्रारंभिक पता लगाना।
- टीचर रोबोट: इंटरैक्टिव लर्निंग के लिए AGI का उपयोग।
🇮🇳 सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और 'माया'
मुकुल सिर्फ AI कोडिंग तक सीमित नहीं हैं। वे स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन पर भी काम कर रहे हैं। 'माया' को विशेष रूप से भारत में बनी चिप्स पर चलाने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया जा रहा है। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और ड्रोन, रोबोट, मेडिकल डिवाइस भारत में ही पूरी तरह बन सकेंगे।
🚁 एयर एम्बुलेंस ड्रोन
AGI 'माया' से नेविगेटेड, आपातकाल में मेडिकल सप्लाई पहुँचाने वाला प्रोटोटाइप।
🤖 टीचर रोबोट
कक्षा 11-12 से बनाया गया रोबोट, अब AGI से स्मार्ट बन रहा है।
📡 रडार सेंसर
सुरक्षा और ऑटोमेशन के लिए रडार आधारित डिटेक्शन सिस्टम।
إرسال تعليق